4 February 2026

जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल से 1.62 लाख रुपये स्कूल प्रबंधन को एकमुश्त जमा, बच्ची की पढ़ाई में नहीं आएगी बाधा।

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जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल से 1.62 लाख रुपये स्कूल प्रबंधन को एकमुश्त जमा, बच्ची की पढ़ाई में नहीं आएगी बाधा।

 

 

पति की आकस्मिक मृत्यु के उपरांत जीवन की कठिन परिस्थितियों, आर्थिक तंगी, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी तथा सिर पर ऋण के बोझ से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ सहारा प्रदान किया है। जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर फंड के माध्यम से शांति राणा को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए यह धनराशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई है, जिससे उनका बैंक ऋण पूर्ण रूप से निपट गया है।
इसके साथ ही शांति राणा की पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त सीधे संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है, जिससे व्यथित मॉ और उनके बच्चों को भारमुक्त कर दिया है।
मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विधवा शांति राणा की 8वीं में पढ रही बेटी अंशिका की कक्षा 12 तक 1.62 लाख फीस कराई स्कूल प्रबन्धन के खाते में एकमुश्त जमा करा दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में विगत नवम्बर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने बताया कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा क्रय करने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनके पति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला शेष नहीं रहा। वर्तमान में शांति राणा की 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय एवं एक अन्य किशोर पुत्र है, जिनके भरण-पोषण और सीमित संसाधनों के चलते वह ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ थीं।
शांति राणा द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष अपनी अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए ऋण राहत तथा आर्थिक सहायता का अनुरोध किया गया था। मामले की गंभीरता एवं मानवीय पक्ष को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी (न्याय) को प्रकरण की सम्यक जांच कर नियमानुसार त्वरित राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
इसस पूर्व जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई, जिससे उनका बैंक ऋण समाप्त हो गया। साथ ही उनकी पुत्री अंशिका की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12वीं तक की फीस एकमुश्त स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि पीड़िता को विभिन्न शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभ एवं अन्य संभावित सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि परिवार को तात्कालिक राहत के साथ-साथ भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन भी उपलब्ध हो सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील एवं मानवीय मामलों में पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और उन्हें संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

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